Saturday, January 8, 2011

मेरी दिवानगी...........


जाओगे तह तक नजर की मेरे
गौहर मिलेन्गे भरभर कर तुम्हे

दिल से मै चाहती हु
तुम्हारी आन्खो मे बस जाउ

अगर नही जगह मेरी वहा
तुम्हारे नजर के जाम तो पि लु

कभी समझ लो मेरी नजर का कहना
दिया तुमने मुझे वहा अश्को का गहना

जरा सम्भालो तुम अपनी नजर को
कयामत ढाती है जब मुझपर पडती है

झाको मेरी आन्खो मे मन्जर तो देखो
जानोगे कितने खन्जर तुमने चलाये दिलपर

जुबा की छोडो बस आखो कि समझ लो
मेरी दिवानगी तुम्हे मिलेगी वहीपर

स्नेहा (देवराई )

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